संस्कृतम् – पाठ 7, कर्ता, कर्म व क्रिया Learn Sanskrit: Subject, Object & Verb

इस संस्कृत पाठ में हम कर्ता, कर्म व क्रिया क्या होते हैं, और संस्कृत व्याकरण के अध्ययन में इनका क्या योगदान है, इसका अध्ययन करेंगे। जो भी किसी कार्य को करता है, वह व्याकरण में कर्त्ता कहलाता है, जिस उद्देश्य से कोई कार्य किया जाता है, वह उस क्रिया का कर्म कहलाता है, और कार्य के वाचक शब्द को हम क्रिया कहते हैं, क्रिया का मूल रूप धातु कहलाता है। संस्कृत वाक्य की यह भी विशेषता है कि कर्त्ता, कर्म और क्रिया को आगे पीछे करने से भी वाक्य के अर्थ में कोई अंतर नहीं पड़ता है। संस्कृत भाषा का वाक्य विन्यास भी हम जानेंगे। और कुछ नई संस्कृत धातुओं को भी हम जानेगे। पाठ के अंत में हम सरल संस्कृत वाक्य बनाएँगे।

The video teaches us the Subject, Object and the Verb in Sanskrit Sentence. A subject is the doer, the verb is the action and the object is something or someone being done upon. We are going to learn the Subject, Object and the Verb in a Sanskrit sentence in detail. The one peculiarity of a Sanskrit sentence is that it makes no difference to change the position of the Subject, Object or the Verb in a Sanskrit sentence, just like the Greek Grammar or the Classical Latin Grammar. We are going to learn Sanskrit syntax. In the end, we will make simple sentences.

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