Sanskrit Chand Amritmala 19 | संस्कृत छंद 2

The present lesson of the Sanskrit literature series, Amritmala presents the rules of the Sanskrit prosody.

How to form the Sanskrit shlokas and how to calculate the syllables of the Sanskrit verse. This video lesson gives a working knowledge in Sanskrit grammar and Sanskrit prosody.

Sanskrit chand

It also increases the Sanskrit vocab of the beginners as well. We will learn the Anushtup chanda, Indravajra and Shardulavikirdita chanda.

अमृतमाला के इस पाठ में हम संस्कृत श्लोकों के वर्ण, गण, व वर्णों की गणना विधि को देखेंगे। वर्ण क्या है? लघु व उरु वर्ण क्या होते हैं? गण क्या है? गण कैसे बनाए जाते हैं?

ये नियम बड़े सरल, सुगम व रुचिकर हैं, और इनको बड़ी सरलता से कंठस्थ भी किया जा सकता है। गानों का सूत्र भी दिया आय है – यमाताराजभानसलगा।

अमृतमाला के पिछले अध्याय मे हमने संस्कृत छंद के पहले भाग का अध्ययन का किया और इसी शृंखला मे हम आज संस्कृत छंद के दूसरे भाग का अध्ययन करेंगे।

हम अनुष्टुप, इंद्रवज्रा, शार्दूलविकीर्डित और मालिनी छंदों को हम देखेंगे।

सरसिजमनुविद्धम् शैवलेनापि रम्यम् मलिनमपि हिमांशोर्लक्ष्म लक्ष्मीं तनोति।

इयमधिकमनोज्ञा वल्कलेनापि तन्वी किमिव हि मधुराणां मण्डनं नाकृतीनाम् ॥

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