Learn Sanskrit Suffix Kta | संस्कृत क्त प्रत्यय 50

The video gives a detailed and comprehensive account of the Sanskrit suffix Kta.

Suffix Kta

The Sanskrit suffix Kta is used with some Sanskrit prefixes. In the end of the video, we have used simple Sanskrit sentences.

संस्कृतम् के इस पाठ में हम क्त प्रत्यय का अध्ययन करेंगे। इस संस्कृत पाठ में हम कुछ धातुओं के साथ क्त प्रत्यय के रूप व प्रयोग देखेंगे। पाठ के अंत में हम सरल संस्कृत वाक्य बनाएँगे।

यह संस्कृत साहित्य को सिखाने वाली एक सम्पूर्ण पाठावली है। अमृतमाला वस्तुतः संस्कृत साहित्य सागर को शोधकर निकाला गया प्रेमामृत ही है। इसमें सभी संस्कृत साहित्य के पाठ क्रमानुसार शामिल किए गए हैं।

हमे आशा है कि आपको संस्कृत का क्त प्रत्यय समझ मे आया होगा। प्रत्यय को और विस्तार से समझने के लिए क्तवतु प्रत्यय से संबंधित अगला पाठ जरूर देखे।

आपको इसमें संस्कृत श्लोक, मंत्र, कथाएँ, कहानियाँ, संस्कृत सूक्तियाँ, और संस्कृत वाक्यों की व्याकरणिक व्याख्या विशेष रूप से मिलेंगे।

अमृतमाला कोर्स से ठीक पहले आपको ‘संस्कृतम्” का अध्ययन कर लेना चाहिए। क्योंकि संस्कृतम् एक प्रारम्भिक व्याकरण का कोर्स है, जिसका उद्देश्य है विद्यार्थी को संस्कृत व्याकरण के मूल से परिचित करवाना।

यह अमृतमाला कोर्स भी पूर्ण रूप से समझने के लिए यह आवश्यक है कि पहले संस्कृतम् का अध्ययन कर लिया जाए। तभी आप अमृतमाला का सम्पूर्ण लाभ उठा पाएंगे।

जब विद्यार्थी एक बार अमृतमाला का भली प्रकार अध्ययन कर लेता है तो संस्कृत पढ़ने संबंधी उसकी सारी कठिनता चली जाती है, और अध्ययन परम सुगम हो जाता है।

यह आपको संस्कृत साहित्य के मूल से परिचित करवा देता है,और उसके बाद आप संस्कृत श्लोक, कविता, पाठ, कथा कहानियाँ, संस्कृत मंत्र आदि सब कुछ पढ़ने में समर्थ हो जाते हैं। इसमें शामिल हैं – गायत्री मंत्र, मृत्युंजय महामंत्र, सरस्वती वंदना मंत्र आदि। इसके अलावा अनेक नीति के श्लोक, जैसे चाणक्य नीति, विदुर नीति, भृतरीहरि नीति शतक आदि मुख्य है।

सभी विडेओज चित्रों से सजे हुए पाठ हैं, जो कि विद्यार्थी कि समझ को तीव्र करते हैं और स्मृति को स्थाई बनाते हैं।

अमृतमाला की एक और मुख्य विशेषता यह है कि प्रत्येक पाठ शब्द-भंडार को विकसित करने की दृष्टि से तैयार किया गया है, पर्यायवाची शब्द, शब्दों का निर्माण सिखलाया गया है। संस्कृत की कथाएँ, जैसे कि पंचतंत्र, हितोपदेश आदि से भी कथाएँ ले ली गई हैं, जो कि अति रूचिकर होने के साथ साथ बहुत ही ज्ञानवर्धक भी हैं।

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